नमस्ते मित्रों,
आजकल जब कोई हिंदू लड़की “मेरा अब्दुल वैसा नहीं है” का नारा लगाती है, तो मेरा दिल काँप जाता है। क्योंकि मैं जानता हूं – अब्दुल कभी नहीं बदलता। वह बदलता नहीं, बस मौका मिलते ही अपनी असली औकात दिखा देता है।
महाराष्ट्र के अकोला जिले से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सादिक शाह तशरीफ शाह ने अपनी हिंदू पत्नी रविना पवार की हत्या कर दी। महज आठ दिन पहले रविना ने बच्चे को जन्म दिया था। सादिक ने उसका गला घोंट दिया, शव को अन्नपूर्णा माता मंदिर के पास फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर पेट्रोल डालकर जला दिया। CCTV ने सब कुछ पकड़ लिया। सादिक को उसकी बहन के घर से गिरफ्तार किया गया। यह “लव मैरिज” थी। दोनों मुंबई में काम करते थे। घरेलू झगड़े आम थे। और फिर एक दिन अब्दुल ने अपनी असली शक्ल दिखा दी।
यह अकेला मामला नहीं है। यह पैटर्न है। यह महामारी है। और इसका नाम है लव जिहाद।
9 और मामले जो रूह काँपा देते हैं
– मुंबई (मार्च 2026): हिंदू डॉक्टर स्टुति सोनावने। एक ऐप पर फजल मोहम्मद खान से मुलाकात। ताज होटल में जन्मदिन मनाया। फिर शुरू हुआ मानसिक उत्पीड़न – गालियां, शक, धमकियां “तू एक दिन फ्रिज में मिलेगी”। 6 पन्नों का सुसाइड नोट। 8 मार्च को दुपट्टे से फांसी लगा ली।
– फरीदाबाद और मुजफ्फरनगर (फरवरी 2026): फरीदाबाद में कविता ने प्रेमी रियाउल के साथ सुमन को ट्रेन ट्रैक पर फेंका। मुजफ्फरनगर में सोनिया ने सादिक के साथ संजीव का गला घोंटकर नाले में फेंका। दोनों मामलों में हिंदू महिलाएं “प्यार” के चक्कर में कातिल बन गईं।
– गुजरात वटवा (जनवरी 2026): एक हिंदू लड़की 2 साल तक मोहम्मद आबिद शेख के साथ लिव-इन में रही। शादी का झांसा। असल में आबिद पहले से निकाहशुदा और 3 बच्चों का अब्बू था। सच पता चलते ही लड़की ने आत्महत्या कर ली। हाथों पर ब्लेड के निशान, आंखों के पास चोटें।
– कर्नाटक येल्लापुर (जनवरी 2026): दलित हिंदू महिला रंजीथा भानसोडे। रफीक इमामसाब ने निकाह के लिए दबाव डाला। मना करने पर सड़क पर चाकू मारकर हत्या कर दी।
– हरियाणा यमुनानगर (दिसंबर 2025): बिलाल ने 2 साल लिव-इन में रहने के बाद उमा (पहले शादीशुदा, एक बच्चे की मां) की गर्दन काट दी। क्योंकि उमा शादी चाहती थी, लेकिन बिलाल का दूसरी जगह निकाह तय था।
– गुजरात नवसारी: फैजल नासिर पठान ने पहले अपनी बीवी सुहाना को मार डाला, फिर हिंदू गर्लफ्रेंड रिया को नंगा करके खंडहर में मार दिया।
– जबलपुर (मई 2025): अब्दुल समद ने 18 साल की लक्ष्मी अहिरवार के पेट में चाकू घोंपा, फिर गला रेत दिया। वजह? लक्ष्मी ने अब्दुल के मुस्लिम होने की वजह से रिश्ता तोड़ दिया था।
ये सिर्फ खबरों के शीर्षक नहीं हैं। ये कुरान और हदीस से निकली सोच का नतीजा हैं।
असली सच: इस्लाम में “काफिर” औरतों का क्या दर्जा है?
मैं एक्स-मुस्लिम हूं, इसलिए बिना डर के बोल सकता हूं। कुरान 4:34 में लिखा है – औरतों को “सुधारने” के लिए मारो अगर न माने। इस्लाम में चार शादियां जायज। मौलवी ये सिखाते हैं कि गैर-मुस्लिम औरत को अस्थायी सुख के लिए इस्तेमाल करो, कन्वर्ट करो, वरना dispose कर दो। कुछ उलेमा लव जिहाद को “दावाह” कहते हैं – गैर-मुस्लिम औरतों को फंसाकर इस्लाम फैलाओ।
“लव जिहाद” शब्द मीडिया ने बनाया, लेकिन असल में यह 1400 साल पुराना तरीका है – ग़ज़वा-ए-हिंद का हिस्सा। इस्लाम में जंग के दौरान जो भी गैर मुस्लिम महिला हाथ आए उसे सेक्स के लिए लौंडी बनाने के बारे में कुरान में साफ साफ लिखा है और मुसलमान उस वक्त को तब तक जंग ही मानते है जब तक हिंदुस्तान में इस्लामी हुकूमत कायम नहीं हो जाता है। लेकिन हिंदू लड़कियों को लगता है “प्यार” है। अब्दुल को लगता है “जिहाद” है – काफिर को कन्वर्ट करना या उसकी इज्जत लूटना।
हिंदू समाज को अब जागना होगा। “मेरा अब्दुल अलग है” वाली लड़कियां जब तक नहीं समझेंगी, तब तक यह सिलसिला नहीं रुकेगा। क्योंकि अब्दुल को कुरान ने ही सिखाया है कि वह सुपीरियर है और बाकी सभी इनफीरियर।
अब क्या करें?
1. हिंदू लड़कियों को यह सच बताओ – स्कूल, कॉलेज, घर, हर जगह।
2. इंटरफेथ लव को “रोमांटिक” न समझो, जब तक बैकग्राउंड पूरी तरह चेक न हो।
3. पुलिस और कोर्ट को मजबूत करो – लव जिहाद के मामलों में जीरो टॉलरेंस।
4. और सबसे बड़ी बात: अपनी बेटियों पर नजर रखो कि कौन उसकी दोस्त और सहेली है और किसके साथ ज्यादा वक्त बिता रही है।
मैं एक्स-मुस्लिम हूं। मैं नफरत नहीं फैला रहा। मैं चेतावनी दे रहा हूं। रविना पवार की सड़ी हुई लाश आज भी अकोला के मंदिर के पास याद दिलाती है – अब्दुल कभी नहीं बदलता।
जय हिंद।
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(नोट: ऊपर दिए गए सभी मामले हालिया समाचार रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। )





