नाजिया इलाही खान को मुसलमानों ने दी गंदी गालियां और मौत की धमकियाँ : पैगंबर मोहम्मद विवाद

नाजिया इलाही खान को मुसलमानों ने दी गंदी गालियां और मौत की धमकियाँ : पैगंबर मोहम्मद विवाद

नमस्कार दोस्तों,

मैं एक एक्स मुस्लिम हूँ। बचपन से नमाज पढ़ी, पैगंबर की तारीफ सुनी और इस्लाम को आखिरी सत्य मानकर बड़ा हुआ। लेकिन जैसे-जैसे तर्जुमे के साथ कुरान पढ़ीं, हदीसें देखीं और सवाल किए, वैसे-वैसे दिमाग़ के जाले साफ होते गए। आज मैं खुलकर कहता हूँ — इस्लाम सवाल और आलोचना बर्दाश्त नहीं करता। सवाल पूछने वाले को गुस्ताख, मुर्तद या काफिर कहकर खत्म करने की कोशिश की जाती है।

नाजिया इलाही खान के बयान पर बवाल

ताजा उदाहरण है — एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान। जून 2026 में नाजिया एक पॉडकास्ट (दिव्या सिंह के साथ) में पैगंबर मुहम्मद और हजरत आयशा के विवाह पर बोलीं। उन्होंने आयशा की छोटी उम्र (6 साल की शादी, 9 साल में संबंध) का जिक्र किया और इसे आज के नाबालिग बलात्कार मामलों से जोड़कर सवाल उठाया। इस बयान पर मुसलमानों के द्वारा पूरे देश में बड़ा बवाल काटा जा रहा है।जबकि कई सारे मुस्लिम स्कॉलर और मौलवी भी इन हदीसों को पढ़ चुके हैं जिसमे मोहम्मद और आयशा के विवाह और उनकी उम्र का जिक्र किया गया है तब कोई बवाल नहीं हुआ।

न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, इस बयान के बाद दो मुस्लिम युवकों ने अलग-अलग वीडियो बनाकर नाजिया को धमकियाँ दीं। एक “मुस्लिम पत्रकार” सलमान ने उन्हें “रंडी” कहकर गाली दी और कहा कि नाजिया की हरकतें उसे मारने का मन दिलाती हैं। दूसरे, औरंगाबाद के अब्दुल ने खुलेआम कहा — “तेरा गला काट दूँगा, चाहे जेल चला जाऊँ। तू कौन होती है हमारे नबी के खिलाफ बोलने वाली?”

नाजिया ने इन वीडियो को खुद शेयर किया और पुलिस-प्रशासन को टैग किया। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी गैंग रेप और मौत की धमकियाँ मिल रही हैं।

क्या हुआ था और क्यों?

बयान पुराना था, लेकिन अचानक वायरल हुआ। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बंगाल, कश्मीर तक मुस्लिम संगठन सड़कों पर उतर आए। रजा एकेडमी, AIMIM आदि ने FIR की मांग की। कई जगहों पर “सर तन से जुदा” के नारे लगे। भिवंडी, मालेगांव आदि में प्रदर्शन हुए। देश के अलग अलग मस्जिदों के बाहर जुलूस निकाला जा रहा है नाजिया इलाही के पुतले जलाए जा रहे हैं। अलग अलग राज्यों से FIR करने की कोशिश की जा रही है।

यह कोई सामान्य आक्रोश नहीं था। रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह एक समन्वित शक्ति प्रदर्शन था। BJP Minority Morcha से जुड़ी नाजिया, जो अब सनातन विचारधारा की तरफ आई हैं, उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है।

एक्स मुस्लिम होने के नाते मेरी बात

मैंने खुद इस्लाम छोड़ने के बाद इस ख़तरे को समझता है। “मुर्तद की सजा मौत” वाला वाक्य कितनी बार सुना है। नाजिया ने जो कहा, वह हदीसों पर आधारित था। आयशा की उम्र पर बहस सदियों से चल रही है। लेकिन बहस की जगह धमकी, गाली और FIR आती है। ये कोई नया तरीका नहीं है मुसलमानों का, पहले भी जब जब किसी गैर मुस्लिम या एक्स मुस्लिम ने मोहम्मद की जिंदगी पर कोई सवाल या आलोचना की है तो उसे नबी की शान में गुस्ताखी और सर तन से जुदा के नारे लगे हैं और इसी तरह से बवाल काटा गया है। और ज्यादातर लोगों के ऊपर जानलेवा हमला हुआ भी है जिनमें कई लोगों की जान चली भी गई।

सवाल मेरे मन में हैं:
– अगर पैगंबर की आलोचना “गुस्ताखी” है, तो कुरान में दूसरे धर्मों की आलोचना क्यों?
– हिंदू देवी-देवताओं पर रोज अपमान होता है, तो सड़कें क्यों नहीं जाम होतीं?
– क्या इस्लाम इतना कमजोर है कि एक महिला के बयान से डर जाए?
– महिलाओं को “रंडी” कहना और गला काटने की धमकी देना — क्या यही तुम्हारा “शांति का धर्म” है?

नाजिया जैसी महिलाओं को खास तौर पर निशाना बनाया जाता है क्योंकि वे इस्लाम की महिलाओं वाली दासता (triple talaq, polygamy, burqa आदि) पर शख्त आलोचना करती आई हैं।

आखिर में

नाजिया इलाही खान को तुरंत सुरक्षा मिलनी चाहिए। चाहे उनका बयान किसी को पसंद आए या न आए, आलोचना का अधिकार लोकतंत्र की जान है। पुलिस को सलमान और अब्दुल जैसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

मैं एक्स मुस्लिम हूँ, इसलिए बिना डर के कह सकता हूँ — जब तक इस्लाम में सुधार नहीं होगा और आलोचना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसे विवाद, धमकियाँ और हिंसा चलती रहेगी। मुस्लिम समाज को सोचना चाहिए — क्या हर सवाल पर “सर तन से जुदा” ही जवाब है?

नाजिया बहन, आप अकेली नहीं हैं। लाखों एक्स मुस्लिम और सनातनी आपके साथ हैं। सत्य की लड़ाई जारी रहेगी।

सत्यमेव जयते।

दोस्तों, यह ब्लॉग व्यक्तिगत अनुभव, मीडिया रिपोर्ट और सार्वजनिक तथ्यों पर आधारित है। बहस का स्वागत है, लेकिन नफरत और धमकी नहीं। शांति और तर्क से आगे बढ़ें।