पॉपुलैरिटी के गुमान में चूर, परिवार से दूर: हिंदू लड़कियों के लिए ‘अब्दुल’ का जाल

पॉपुलैरिटी के गुमान में चूर, परिवार से दूर: हिंदू लड़कियों के लिए ‘अब्दुल’ का जाल

लव जिहाद का खौफनाक चेहरा: जहां ‘प्यार’ सिर्फ एक धोखा है और ‘मजहब’ आखिरी हथियार

सोशल मीडिया की इस चकाचौंध भरी दुनिया में ‘पॉपुलर’ होने का नशा आज की युवा पीढ़ी को अंधा कर रहा है। जब कोई हिंदू लड़की इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर वायरल होती है, तो वह धीरे-धीरे अपने संस्कारों, अपने परिवार और अपनी जड़ों से दूर होने लगती है। इसी भटकाव का फायदा उठाते हैं वे ‘शिकारी’, जिनके लिए प्यार कोई मायने नहीं रखता, बल्कि उनका असली मकसद होता है—धर्मांतरण और हिंदू समाज की अस्मतों पर कब्जा।

यह कोई मामूली बात नहीं है। यह एक सुनियोजित साजिश है, जहां शुरुआत होती है ‘मेरा अब्दुल ऐसा नहीं है’ के भ्रम से और अंत या तो ‘फ्रिज’ में होता है या फिर ‘घर वापसी’ के उस दर्दनाक सफर में, जो हर हिंदू लड़की के लिए सबक है।

मोनालिसा भोसले: कुंभ की प्रसिद्धि से ‘फरमान’ की गिरफ्त में

हाल ही में सामने आया मोनालिसा भोसले का मामला इस सच्चाई की पोल खोलता है। कुंभ मेले में मासूम मुस्कान और खूबसूरत आँखों से वायरल हुई यह लड़की आज ‘फरमान खान’ की पत्नी है। प्रसिद्धि के इस नशे में उसने अपने ही पिता को दुश्मन बना लिया और पुलिस से सुरक्षा मांगी। आज उसे यह ‘प्यार’ लग रहा है, लेकिन हम इस्लामिक आलोचक जानते हैं कि इस्लाम में हिंदू लड़की की क्या कीमत होती है। कुछ महीनों बाद जब पॉपुलैरिटी का गुमान उतरेगा, तो यही मोनालिसा बुर्के में कैद होकर अपने ‘फरमान’ की इजाजत के बिना घर से बाहर कदम रखने की मोहताज होगी। यह उन हजारों हिंदू लड़कियों के लिए एक चेतावनी है जो वर्चुअल दुनिया के इन ‘हीरो’ को असली जिंदगी का हमसफर समझ बैठती हैं।

सायली सुर्वे और चाहत खन्ना: ‘मिस इंडिया’ से ‘मुस्लिम बीवी’ तक का सफर

सायली सुर्वे का उदाहरण लीजिए। ‘मिस इंडिया अर्थ’ रह चुकीं सायली ने जब आतिफ तासे से निकाह किया था, तो उन पर सेक्युलरिज्म और आधुनिकता का भूत सवार था। लेकिन निकाह के बाद क्या हुआ? ‘अतेजा तासे’ बनाई गई सायली को चार बच्चों की मां बनने के बाद पशुओं की तरह प्रताड़ित किया गया। आखिरकार उन्हें हिंदुत्ववादी संगठनों की शरण लेनी पड़ी और ‘घर वापसी’ करनी पड़ी। यह सच्चाई है कि इन मुस्लिम लड़कों के लिए हिंदू लड़कियां सिर्फ ‘ट्रॉफी’ हैं, जिन्हें जीतकर वे अपने समाज में तालियां बटोरते हैं।

अभिनेत्री चाहत खन्ना ने खुद स्वीकार किया कि कैसे उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए ‘ब्रेनवॉश’ किया गया। उन्हें सिखाया गया कि सनातन धर्म में सब कुछ गलत है। फरहान मिर्जा से निकाह के बाद वे अपनी जड़ों से इतनी कट गईं कि खुद को पहचानने में पांच साल लग गए। आज वे काली और कृष्ण की भक्त हैं, लेकिन उनके जीवन के पांच कीमती साल इस ‘भटकाव’ की भेंट चढ़ गए।

अदनान शेख और रिद्धि जाधव: ‘ग्रूमिंग’ का खेल और मजहब की प्राथमिकता

अदनान शेख की बहन इफ्फत ने जो खुलासे किए, वे इस साजिश की असली तस्वीर हैं। अदनान ने इंडिगो में काम करने वाली हिंदू लड़की रिद्धि जाधव को कन्वर्ट कर ‘आयशा’ बना दिया। अदनान का खुद का बयान है—‘हमारे लिए मजहब जरूरी है, प्यार अलग चीज है।’ यह मानसिकता साफ करती है कि इन लड़कों के लिए हिंदू लड़की महज एक ‘संख्या’ है, जिसे कन्वर्ट करना उनका मिशन होता है। आज वही रिद्धि बुर्के में दिखती है और उसका बच्चा टोपी पहनता है। मजे की बात यह है कि स्वघोषित फेमिनिस्ट इसे ‘पसंद’ और ‘आजादी’ का नाम देते हैं, लेकिन जब कोई हिंदू बहू अपनी सास के पैर छू लेती है, तो उनकी बुद्धि पर ग्रहण लग जाता है।

डॉ. स्तुति सोनावने और तारा शाहदेव: ‘फ्रिज’ की धमकी से लेकर शारीरिक यातनाओं तक

मुंबई की डॉक्टर स्तुति सोनावने की कहानी उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो कहते हैं कि शिक्षा सब ठीक कर देती है। एक पढ़ी-लिखी हिंदू डॉक्टर को उसके बॉयफ्रेंड फैजुल मोहम्मद खान ने इतना मानसिक रूप से तोड़ा कि उसने फांसी लगा ली। सुसाइड नोट के छह पन्ने बताते हैं कि कैसे फैजुल ने पहले ताज होटल में खुशियां दिखाईं, फिर शक और अपमान का सिलसिला शुरू किया। धमकी दी कि ‘तू एक दिन फ्रिज में मिलेगी’। यह है ‘प्यार’ की असली परिभाषा इन लोगों की जुबानी।

राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज तारा शाहदेव के साथ तो और भी घिनौना खेल हुआ। रंजीत कोहली बनकर आए रकीबुल हसन ने शादी के बाद पहली ही रात इस्लाम कबूलने का दबाव डाला। मना करने पर एक महीने तक कुत्तों से कटवाया गया, शारीरिक यातनाएं दी गईं। यह ‘प्यार’ नहीं, बल्कि एक खतरनाक गिरोह का हिस्सा था।

विधायक रूमी नाथ: सत्ता भी नहीं बचा सकी इस अपमान से

असम की विधायक डॉ. रूमी नाथ का मामला बताता है कि राजनीति और सत्ता भी इन ‘शिकारियों’ के आगे बेबस हैं। अपने पति और बेटी को छोड़कर जैकी जाकिर से निकाह करने वाली रूमी नाथ ‘राबिया सुल्ताना’ बनीं और फिर उसी जाकिर ने उन्हें पैसों के लिए पीटा, जानलेवा हमला किया। एक विधायक होने के बावजूद उन्हें पुलिस की शरण लेनी पड़ी।

‘मेरा अब्दुल ऐसा नहीं है’ से ‘घर वापसी’ तक का सच

यह पूरा खेल धोखे और आकर्षण पर टिका है। आईएएस टीना डाबी ने अतहर आमिर खान से निकाह किया और दो साल में ही इस्लाम की ‘खूबसूरती’ समझ में आ गई—बुर्का पहनने का दबाव, मारपीट, प्रताड़ना। मार्च 2020 में उन्होंने अपने नाम से ‘खान’ हटाया और लिखा—‘सब सुख लहे तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना। जय श्री राम।’

कच्चा बादाम फेम अंजलि अरोड़ा को जब कंगना रनौत ने मुनव्वर फारूकी की असलियत बताई कि वह शादीशुदा है, तब उन्होंने उसे ब्लॉक किया।

निष्कर्ष: हिंदू लड़कियों के लिए सबक

हिंदू लड़कियों, याद रखो! पॉपुलैरिटी के इस नशे में तुम अपने परिवार, अपनी जड़ों और अपने संस्कारों को मत भूलो। ये ‘अब्दुल’ तुम्हें सिर्फ इसलिए टारगेट करते हैं क्योंकि तुम हिंदू हो। तुम्हारी पूजा, तुम्हारे देवी-देवता, तुम्हारी मर्यादाएं—इन सबसे इन्हें चिढ़ है। ये तुम्हें सिर्फ एक ‘मिशन’ समझते हैं। जैसे ही तुम इनके जाल में फंसोगी, ये तुम्हें अपनी गुलाम बना लेंगे। या तो तुम ‘फ्रिज’ में पहुंच जाओगी या फिर ‘घर वापसी’ के उस लंबे और दर्दनाक सफर से गुजरोगी, जहां तुम्हारा कोई नहीं होगा।

सच्चाई यही है—इनके लिए पहले मजहब है, प्यार तो बहाना मात्र।

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