नमस्कार दोस्तों, आज कानपुर की वो खबर पढ़कर दिल भारी हो गया। एक लॉ की छात्रा, जो पढ़ाई करके अपने भविष्य को संवार रही थी, उसके साथ मोहम्मद कैफ नाम के व्यक्ति ने बेहद घटिया तरीके से धोखा किया। उसने खुद को राजदीप सिंह बताकर उसका विश्वास जीता, उसके करीब आया और फिर शारीरिक शोषण किया। जब सच्चाई सामने आई तो धमकियाँ देने लगा। शुक्र है पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
क्या हुआ कानपुर में?
पीड़िता हरबंशमोहाल की रहने वाली है। परिवार की गाय के इलाज के सिलसिले में मोहम्मद कैफ उनके घर आया। उसने लड़की का नंबर लिया और राजदीप सिंह बनकर उससे संपर्क बढ़ाया। धीरे-धीरे रिश्ता बनाया, फिर झांसे में लेकर बलात्कार किया। जब लड़की को उसकी असली पहचान पता चली तो उसने दूरी बनाई। कैफ नशे में उसके घर के बाहर आता, धमकियाँ देता, जान से मारने की बात करता। लड़की इतनी डर गई कि कॉलेज जाना भी बंद कर दिया।
कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म, स्टॉकिंग, धमकी और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
ऐसे केस अकेले नहीं – पिछले 10 सालों के कुछ उदाहरण
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कानपुर वाला मामला कोई isolated घटना नहीं है। पिछले दस वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां आरोपी ने हिंदू नाम बताकर विश्वास जीता और फिर शारीरिक शोषण किया:
– 2018, झारखंड – तारा शाहदेव मामला: नेशनल लेवल की शूटर तारा शाहदेव ने आरोप लगाया कि उनके पति ने अपनी मज़हबी पहचान छिपाई थी। हाईकोर्ट ने उनके मामले में तलाक मंजूर किया और धोखे का जिक्र किया।
– 2020-2021, उत्तर प्रदेश: ‘लव जिहाद’ कानून लागू होने के बाद UP पुलिस ने दर्जनों मामले दर्ज किए। बरेली में ओवैस अहमद समेत कई युवकों को हिंदू लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
– 2025, उज्जैन (मध्य प्रदेश): कुर्बान शाह ने खुद को रोहित बताकर एक हिंदू लड़की का शारीरिक शोषण किया। उनके बीच बच्ची भी हुई, लेकिन सच्चाई सामने आने पर मामला दर्ज हुआ।
– 2025, मध्य प्रदेश: राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2020-2024 के बीच 283 ‘लव जिहाद’ मामले दर्ज हुए, जिनमें 73 नाबालिग पीड़िताएं थीं। मालवा-निमाड़ क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहा।
– 2026, बस्ती, उत्तर प्रदेश: पुलिस ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया जिसमें आजफरुल समेत कई आरोपियों ने 100 से ज्यादा लड़कियों को फंसाने का आरोप है।
ये मामले दिखाते हैं कि यह एक पैटर्न है, न कि संयोग।
एक्स मुस्लिम होने के नाते मेरी बात
मैं खुद मुस्लिम परिवार में पैदा हुआ हूँ। मैं जानता हूँ कि कुछ लोग “लव जिहाद” शब्द को हिंदुत्व की साजिश बताते हैं। लेकिन हकीकत ये है कि कई केस सामने आ चुके हैं जहां आरोपी मुस्लिम युवक हिंदू नाम अपनाकर लड़कियों का विश्वास जीतते हैं। इस्लाम में “तकिया” (धोखा) की अवधारणा मौजूद है। कुछ लोग इसे सिर्फ खतरे के समय इस्तेमाल करने वाली बात बताते हैं, लेकिन ग्राउंड रियलिटी में ये प्रेम संबंधों और शादी में इस्तेमाल होता देखा जाता है।
जब तक हम ऐसे मुस्लिम लड़कों और उसके पीछे के सभी मुल्ले -मौलवियों को पकड़ कर जेल में नहीं डालेंगे और सब पर गंभीर धाराएं नहीं लगाएंगे , तब तक ऐसी घटनाएं रुकेंगी नहीं।
मैं हिंदू समाज से भी कहना चाहता हूँ — बेटियों को जागरूक बनाएं। सिर्फ “प्यार” के नाम पर अंधेरे में मत जाएं। परिवार की निगरानी, सही जानकारी और सतर्कता जरूरी है। लेकिन मुस्लिम समुदाय को भी अपने अंदर सुधार करना होगा। हमारी बेटियां भी सुरक्षित रहनी चाहिए।
सवाल जो उठते हैं:
– क्यों बार-बार ऐसे केस उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, राजस्थान आदि जगहों पर सामने आते हैं?
– क्या हमारी मस्जिदों और मदरसों में लड़कियों के सम्मान और consent की शिक्षा दी जाती है?
– क्या “काफिर” लड़की से संबंध बनाने को कुछ लोग “जीत” समझते हैं?
मैंने इस्लाम छोड़ा क्योंकि मुझे सच दिख गया था कि इस्लाम कैसे हर बुराई और अपराध को सबाब का काम बताता है अगर वो किसी गैर मुस्लिम के साथ किया जाए तो— देखिए हर समाज में बुरे लोग होते हैं, लेकिन जब कोई बुराई को धर्म के नाम पर justify किया जाए, तो समस्या गहरी हो जाती है।
जय हिंद।





