इस्लाम ने कई मुस्लिम मर्दों को एक ग़ुलाम औरत का एक के बाद एक यौन शोषण करने की इजाज़त दी

किसी भी समाज में सबसे कमज़ोर लोगों के साथ बर्ताव उस समाज की असली नैतिकता दिखाता है। इस्लाम के ग़ुलाम औरतों के साथ बर्ताव का रिकॉर्ड दिल दहला देने वाला है। इस्लाम ने न सिर्फ़ मालिक को अपनी ग़ुलाम औरत का यौन शोषण करने की इजाज़त दी – बल्कि इससे आगे बढ़कर औरत को भाइयों, […]
मुहम्मद: घर के साँपों को मत मारो, वो मुसलमान जिन्न हो सकते हैं

मुहम्मद: घर के साँपों को मत मारो, वो मुसलमान जिन्न हो सकते हैं सहीह बुखारी 3297, 3298 इब्न उमर से: नबी ﷺ मिम्बर पर खुत्बा दे रहे थे: “साँप मारो, ख़ासकर धुत्तुफ़यतैन (पीठ पर दो सफ़ेद लकीरों वाला) और अबतर (पूँछ कटा हुआ) – क्योंकि ये आँखों की रौशनी छीनते हैं और हामिला औरतों का […]
अल्लाह की “अज़ली इल्म” की बुनियाद पर सवाल

अल्लाह की “अज़ली इल्म” की बुनियाद पर सवाल मुसलमानों को सिखाया जाता है कि अल्लाह सब कुछ जानने वाला है – माज़ी, हाल और मुस्तक़बिल, कुछ भी उससे छिपा नहीं। लेकिन कुरान की आयतों को ग़ौर से पढ़ें तो कई जगह ये बुनियादी सिफ़त पर सवाल उठते हैं। दो आयतें देखिए: कुरान 8:65 “ऐ नबी! […]
अज़्ल: बच्चे को ज़िन्दा दफ़न करना या नहीं?

‘अज़्ल (عزل) का मतलब है हमबिस्तरी के दौरान इजाक़ (वीर्यपात) से पहले पुरुष अंग बाहर निकाल लेना ताकि गर्भ न ठहरे। मुहम्मद ने शुरू में ‘अज़्ल को बच्चे को ज़िन्दा दफ़न करना बताया, लेकिन बाद में साथियों की सेक्सुअल ख़्वाहिशों और पैसे की लालच के लिए इसे जायज़ कर दिया। आसमान पर कोई अल्लाह नहीं […]
मुहम्मद ने खुद शरीयत बनाई और बाद में उसे वह्य कहा

सहीह मुस्लिम 1442b नबी ﷺ ने फरमाया: “मैंने दूध पिलाने वाली औरतों से हमबिस्तरी रोकने का इरादा किया, लेकिन रोमियों और फारसियों को देखा – वो अपने बच्चों को दूध पिलाती हैं और इससे कोई नुक़सान नहीं होता।” ये हदीस पुख़्ता सबूत है कि आसमान पर कोई अल्लाह नाम की हस्ती नहीं। बल्कि मुहम्मद खुद […]
मुहम्मद वह्य के दौरान खर्राटे लेते पकड़े गए (काँपने की बजाय)

जो लोग खुद को देवताओं, रूहों या अलौकिक दुनिया से जुड़ा बताते हैं, वो अपने अनुयायियों के दिलों में ख़ौफ़ और दहशत डालना सबसे बड़ा हथियार इस्तेमाल करते हैं। अब मुहम्मद के तरीक़ों को अक़्ल की कसौटी पर परखिए। मुहम्मद का दावा था कि वह्य के दौरान डरावनी घंटियाँ बजती थीं जो आसमान वालों को […]
इब्लीस को मुहम्मद की नबुवत और लोगों के मुसलमान बनने का पता कई साल क्यों नहीं चला?

इब्लीस को मुहम्मद की नबुवत और लोगों के मुसलमान बनने का पता कई साल क्यों नहीं चला? कुरान में तनाक़ुज़ (contradictions) बहुत हैं। वजह ये है कि वह्य ऊपर से सर्वज्ञ और हकीम अल्लाह से नहीं आ रही थी – बल्कि मुहम्मद खुद चीज़ें गढ़ते और उन्हें “वह्य” का नाम देते थे। इंसान हैं, ग़लतियाँ […]
वरक़ा की मौत के बाद 3 साल तक वह्य क्यों रुकी?

सारांश इस्लामी रिवायतों के मुताबिक़, वरक़ा बिन नवफ़ल – एक ईसाई आलिम और ख़दीजा के चचेरे भाई – पहले शख़्स थे जिन्होंने मुहम्मद को नबुवत का ख़्याल दिया, जब मुहम्मद ने दावा किया कि फरिश्ता वह्य लाया। लेकिन वरक़ा की मौत के बाद मुहम्मद ने 3 साल तक कोई नई वह्य नहीं आने का दावा […]
मुहम्मद ने जानवरों को जूतों का हार पहनाया और उन्हें काट-पीटकर लहू-लुहान किया

मुहम्मद ने अपना नया दीन बनाते वक़्त यहूदियों से बहुत कुछ उधार लिया, लेकिन अरबों को खुश करने के लिए हज के तमाम जाहिलियत के रस्म-ओ-रिवाज भी शरीयत में डाल दिए। कुर्बानी के अलावा भी कई रस्म थे: ऊँटों के कोहान काटना ख़ून पोतना गले में जूतों का हार (नालैन की माला) पहनाना ये सब […]
चाँद के घटने-बढ़ने का सवाल: अल्लाह ने यहूदियों का सवाल तक नहीं समझा

पुराने यहूदी और ईसाई मानते थे कि ज़मीन चपटी है। बाइबल में भी यही पुराना, ग़लत ख़्याल मौजूद है। लेकिन यूनानी वैज्ञानिकों ने सदियों पहले साबित कर दिया था कि ज़मीन गोल है और चाँद के घटने-बढ़ने की असली साइंसी वजह भी पता कर ली थी। मुहम्मद के ज़माने तक ये इल्म 900 साल पुराना […]