इब्लीस को मुहम्मद की नबुवत और लोगों के मुसलमान बनने का पता कई साल क्यों नहीं चला?

इब्लीस को मुहम्मद की नबुवत और लोगों के मुसलमान बनने का पता कई साल क्यों नहीं चला? कुरान में तनाक़ुज़ (contradictions) बहुत हैं। वजह ये है कि वह्य ऊपर से सर्वज्ञ और हकीम अल्लाह से नहीं आ रही थी – बल्कि मुहम्मद खुद चीज़ें गढ़ते और उन्हें “वह्य” का नाम देते थे। इंसान हैं, ग़लतियाँ […]
वरक़ा की मौत के बाद 3 साल तक वह्य क्यों रुकी?

सारांश इस्लामी रिवायतों के मुताबिक़, वरक़ा बिन नवफ़ल – एक ईसाई आलिम और ख़दीजा के चचेरे भाई – पहले शख़्स थे जिन्होंने मुहम्मद को नबुवत का ख़्याल दिया, जब मुहम्मद ने दावा किया कि फरिश्ता वह्य लाया। लेकिन वरक़ा की मौत के बाद मुहम्मद ने 3 साल तक कोई नई वह्य नहीं आने का दावा […]
मुहम्मद ने जानवरों को जूतों का हार पहनाया और उन्हें काट-पीटकर लहू-लुहान किया

मुहम्मद ने अपना नया दीन बनाते वक़्त यहूदियों से बहुत कुछ उधार लिया, लेकिन अरबों को खुश करने के लिए हज के तमाम जाहिलियत के रस्म-ओ-रिवाज भी शरीयत में डाल दिए। कुर्बानी के अलावा भी कई रस्म थे: ऊँटों के कोहान काटना ख़ून पोतना गले में जूतों का हार (नालैन की माला) पहनाना ये सब […]
चाँद के घटने-बढ़ने का सवाल: अल्लाह ने यहूदियों का सवाल तक नहीं समझा

पुराने यहूदी और ईसाई मानते थे कि ज़मीन चपटी है। बाइबल में भी यही पुराना, ग़लत ख़्याल मौजूद है। लेकिन यूनानी वैज्ञानिकों ने सदियों पहले साबित कर दिया था कि ज़मीन गोल है और चाँद के घटने-बढ़ने की असली साइंसी वजह भी पता कर ली थी। मुहम्मद के ज़माने तक ये इल्म 900 साल पुराना […]
मुहम्मद का दावा: नील और फरात नदियाँ जन्नत से निकलती हैं – बाइबल से चुराई हुई कहानी

मुहम्मद को लगा कि मेराज की कहानी पर कोई सवाल नहीं उठाएगा क्योंकि कोई गवाह नहीं था। लेकिन झूठ अपने आप पकड़ा जाता है। मेराज की कहानी दो बार पकड़ी गई: पहली बार: लगभग वैसी ही कहानी ज़ोरास्ट्रियन किताबों में पहले से मौजूद थी (इस्लाम से सैकड़ों साल पहले)। दूसरी बार: पिछले सदी में साइंस […]
क्या सहाबी दिह्या अल-कल्बी ने जिब्रील का रोल प्ले किया?

पृष्ठभूमि खंदक की जंग (हिजरी 5) में अफ़वाह उड़ी कि मदीना के अंदर रहने वाली यहूदी क़बीला बनू क़ुरैज़ा ने मुसलमानों से ग़द्दारी की और मक्का वालों के साथ मिलकर पीठ पर हमला करने वाला है। लेकिन ये अफ़वाह झूठी निकली। बनू क़ुरैज़ा ने मक्का वालों की कोई मदद नहीं की। एक महीने की घेराबंदी […]
माल-ए-ग़नाम की कहानी: दैवी वह्य या मुहम्मद की बनाई हुई वह्य?

माल-ए-ग़नाम की कहानी: दैवी वह्य या मुहम्मद की बनाई हुई वह्य? मदीना में मुहम्मद और उनके साथियों के पास रोज़ी-रोटी का कोई ज़रिया नहीं था। उनकी कमाई का इकलौता तरीका था – काफ़िलों पर हमला करना और माल-ए-ग़नीमत लूटना। औरतें और छोटे बच्चे भी गुलाम बना लिए जाते थे – ज़िंदगी भर के लिए। उनकी […]
इस्लामी चंद्र कैलेंडर और 4 हराम महीनों के पीछे कोई हिकमत नहीं

मुहम्मद जब अपना नया दीन बना रहे थे तो उन्होंने यहूदियों-ईसाइयों से खूब उधार लिया। एक अल्लाह, नबी, फरिश्ते – सब कुछ वहीं से चुराया। लेकिन अरबों में पकड़ बनाने के लिए काबा और हज को भी दीन में डाल दिया, क्योंकि ये चीजें अरबों के दिल में पहले से बसती थीं। एक पुरानी अरबी […]
कैसे इज़रायल ने 12 दिन में ईरान को धूल चटा दी – ‘सदी की सबसे शानदार जंग’

27 नवंबर 2025 पिछले जून में सिर्फ़ 12 दिनों में इज़रायल ने वो कर दिखाया जो दुनिया की कोई सेना शायद ही कर पाती। 1500 मील दूर ईरान के अंदर घुसकर उसने तेहरान के परमाणु प्रोग्राम को राख कर दिया, 70% बैलिस्टिक मिसाइलें उड़ा दीं और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियाँ भी तबाह कर दीं। अमरीका […]
मुहम्मद का हास्यास्पद हुक्म: नज़र लगने पर निजी अंगों का पानी इस्तेमाल करो!

हमने सबसे सहीह किताबों में खोजबीन की तो एक ऐसी अंधविश्वासी हिदायत मिली जो इस्लाम के “तौहीद”, “इल्म” और “आखिरी-कामिल दीन” के दावों को मिट्टी में मिला देती है। मुहम्मद (उस ज़माने के बाकी अरबों की तरह) शैतान, जादू, भूत-प्रेत, नज़र जैसी अंधविश्वासों में मुब्तला थे। ऊपर आसमान में कोई अल्लाह मौजूद नहीं था जो […]