इस्लामी ग़ुलामी के 1400 सालों में किसी भी मुस्लिम मर्द को ग़ुलाम औरत का बलात्कार करने पर कभी सज़ा नहीं मिली
कल्पना कीजिए कि आपका बलात्कार हो रहा है। कल्पना कीजिए कि आप चीख़ रही हैं, रो रही हैं, मदद माँग...
कल्पना कीजिए कि आपका बलात्कार हो रहा है। कल्पना कीजिए कि आप चीख़ रही हैं, रो रही हैं, मदद माँग...