जब धर्मनिरपेक्षता का आवरण हिंदू लड़कियों की जान लेने लगे – एक और निमिषा की कहानी

27 सितंबर 2026, गुवाहाटी। 22 साल की निमिषा ठाकुरिया ने आखिरी बार अपनी माँ को फोन किया। रात के 2 बजे थे। उसकी आवाज़ कांप रही थी, साँसें फूल रही थीं। “माँ, उन्होंने मुझे पीटा है। उन्होंने मेरी छाती पर मुक्का मारा और मुझे घायल कर दिया।” ये उसके मुँह से निकले आखिरी शब्द थे। […]