न्यायालय के द्वारा दोषी करार देने के बाद भी दिल्ली दंगों में अंकित शर्मा की हत्या करने वाले ताहिर हुसैन का उनके मुस्लिम रिश्तेदार और पड़ोसी बता रहे अभी भी निर्दोष।

इस्लाम छोड़ने के बाद जब मैंने कुरान, हदीस, सिरत और इतिहास को निष्पक्ष नजरिए से पढ़ा, तो एक बात साफ हो गई — इस विचारधारा में काफिरों (गैर-मुस्लिमों) के प्रति नफरत और हिंसा को मज़हबी कर्तव्य का दर्जा दिया गया है। आज जब 2020 के दिल्ली हिंदू-विरोधी दंगों में IB अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम […]