सलीम पर हमला और सोशल मीडिया की हँसी – क्या ये इंसानियत की मौत नहीं?

नमस्ते, मैं एक एक्स-मुस्लिम हूँ। कई साल पहले मैंने इस्लाम छोड़ा क्योंकि मुझे उसमें कई ऐसी बातें लगीं जो मेरे विवेक से मेल नहीं खाती थीं – जैसे महिलाओं के अधिकार, अपोस्टेसी पर मौत की सजा, और कट्टरता जो हिंसा को जस्टिफाई करती है। मैंने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुँचाया, बस अपनी राय रखी। […]

सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला – सुबह की नमाज के बाद चुप कराने की कोशिश

नमस्कार दोस्तों, मैं एक एक्स-मुस्लिम हूं। सालों पहले मैंने इस्लाम को छोड़ा था, क्योंकि मेरे लिए सच्चाई और तर्क से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं। मैंने कुरान, हदीस और इस्लामिक परंपराओं की उन बातों पर सवाल उठाए जो आज के समय में अमानवीय और असंगत लगती हैं – महिलाओं के अधिकार, विज्ञान से टकराव, और आलोचना […]