पैगंबर मुहम्मद और “ग़ुलाम व्यापार”: ग़ैर-मुस्लिम देशों के साथ ग़ुलाम व्यापार क्यों नहीं रोका गया?
अगर अल्लाह ने मुहम्मद के ज़रिए इंसानियत को बुलंदी देने और इंसाफ़ लाने का मक़सद रखा था, तो एक बड़ा सवाल उठता है: ग़ैर-मुस्लिम इलाक़ों के साथ ग़ुलाम व्यापार को क्यों नहीं ख़त्म किया गया? इस्लामी ग़ुलाम बाज़ारों में सदियों तक हलचल रही। अफ़्रीका, यूरोप और एशिया के दूर-दराज़ इलाक़ों से लड़कियों को अगवा करके […]
इस्लाम में ग़ुलामों के प्यार को ज़िना का सज़ा: प्रेम को अपराध घोषित करना

कल्पना कीजिए एक ग़ुलाम की, जो प्यार की तड़प और परिवार बसाने के सबसे बुनियादी इंसानी हक़ की ख़्वाहिश रखता है—लेकिन इस्लामी शरीयत के तहत उसकी शादी को “बिना मालिक की इजाज़त” होने पर ज़िना (व्यभिचार) घोषित कर दिया जाता है। जहाँ खुशी होनी चाहिए थी, वहाँ कोड़े बरसते हैं; जहाँ प्रेम को सम्मान मिलना […]