इस्लाम में “जन्म से ग़ुलामी” का अभिशाप

एक बच्चा, जो आज़ादी में नहीं बल्कि ज़ंजीरों में पैदा होता है—उसका नसीब पहले सांस लेने से पहले ही तय हो जाता है, सिर्फ़ इसलिए कि उसकी माँ ग़ुलाम थी। 1400 साल से ज़्यादा इस्लाम के क़ानूनों ने लाखों बच्चों को इस क्रूर नियति से बाँध रखा—जन्म से ही संपत्ति का दर्जा। और भी दिल […]