अल्लाह की “अज़ली इल्म” की बुनियाद पर सवाल

अल्लाह की “अज़ली इल्म” की बुनियाद पर सवाल मुसलमानों को सिखाया जाता है कि अल्लाह सब कुछ जानने वाला है – माज़ी, हाल और मुस्तक़बिल, कुछ भी उससे छिपा नहीं। लेकिन कुरान की आयतों को ग़ौर से पढ़ें तो कई जगह ये बुनियादी सिफ़त पर सवाल उठते हैं। दो आयतें देखिए: कुरान 8:65 “ऐ नबी! […]
अज़्ल: बच्चे को ज़िन्दा दफ़न करना या नहीं?

‘अज़्ल (عزل) का मतलब है हमबिस्तरी के दौरान इजाक़ (वीर्यपात) से पहले पुरुष अंग बाहर निकाल लेना ताकि गर्भ न ठहरे। मुहम्मद ने शुरू में ‘अज़्ल को बच्चे को ज़िन्दा दफ़न करना बताया, लेकिन बाद में साथियों की सेक्सुअल ख़्वाहिशों और पैसे की लालच के लिए इसे जायज़ कर दिया। आसमान पर कोई अल्लाह नहीं […]
मुहम्मद ने खुद शरीयत बनाई और बाद में उसे वह्य कहा

सहीह मुस्लिम 1442b नबी ﷺ ने फरमाया: “मैंने दूध पिलाने वाली औरतों से हमबिस्तरी रोकने का इरादा किया, लेकिन रोमियों और फारसियों को देखा – वो अपने बच्चों को दूध पिलाती हैं और इससे कोई नुक़सान नहीं होता।” ये हदीस पुख़्ता सबूत है कि आसमान पर कोई अल्लाह नाम की हस्ती नहीं। बल्कि मुहम्मद खुद […]