नमस्कार दोस्तों, मैं एक Ex मुस्लिम हूं, जो इस्लाम की सच्चाई को समझकर उससे बाहर निकला हूं। वर्षों तक कुरान, हदीस और इस्लामिक इतिहास का अध्ययन करने के बाद, मैंने देखा कि कैसे यह धर्म गैर-मुस्लिमों को धोखे से अपने जाल में फंसाने की रणनीति सिखाता है। आज मैं इन हालिया घटनाओं पर बात करूंगा, जहां फरीदाबाद और मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवकों ने हिंदू महिलाओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके पतियों की हत्या करवाई। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी पैटर्न है, जिसे हम ‘लव जिहाद’ कहते हैं। इस ब्लॉग में मैं इन मामलों का विश्लेषण करूंगा, पिछले कुछ सालों के समान उदाहरण दूंगा, और अंत में एक निष्कर्ष निकालूंगा कि कैसे हिंदू समाज को इस खतरे से बचना चाहिए।
फरीदाबाद और मुजफ्फरनगर की दिल दहला देने वाली घटनाएं
हाल ही में दो ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जो हिंदू परिवारों की नींव हिला देती हैं। फरीदाबाद में कविता नाम की एक हिंदू महिला ने अपने मुस्लिम प्रेमी रियाउल के साथ मिलकर अपने पति सुमन की हत्या कर दी। सुमन और कविता झारखंड के गोड्डा से थे, जबकि रियाउल पश्चिम बंगाल के मालदा से। दोनों प्रेमी फरीदाबाद के महाराजपुर में साथ रह रहे थे। सुमन को जब पत्नी के अवैध संबंध का पता चला, तो 30 नवंबर 2025 को उसकी हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया, ताकि मौत का कारण दुर्घटना लगे। लेकिन पुलिस जांच में सब सामने आ गया। कविता और रियाउल अब गिरफ्तार हैं।
इसी तरह, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सोनिया ने अपने मुस्लिम प्रेमी सादिक के साथ मिलकर पति संजीव (उर्फ जीवन) की गला घोंटकर हत्या की। शव को कंबल में लपेटकर नाले में फेंक दिया। संजीव हरीनगर गांव का निवासी था। सोनिया का सादिक से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जो गोवा में काम करता था। हत्या वाले दिन सोनिया ने पति को एक घर पर बुलाया, जहां सादिक छिपा था। दोनों ने मिलकर उसे मार डाला। पुलिस पूछताछ में सोनिया ने सब कबूल लिया।
ये दोनों मामले एक ही पैटर्न दिखाते हैं: मुस्लिम युवक हिंदू महिलाओं को भावनात्मक जाल में फंसाते हैं, अवैध संबंध बनाते हैं, और जब पति बाधा बनता है, तो उसकी हत्या करवा देते हैं। यह सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक हमला है, जहां हिंदू परिवारों को तोड़ा जा रहा है।
पिछले कुछ सालों में समान घटनाओं के उदाहरण
यह पैटर्न नया नहीं है। पिछले 5-6 सालों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां हिंदू महिलाएं मुस्लिम प्रेमियों के जाल में फंसकर अपने पतियों या परिवार की हत्या में शामिल हुईं। मैं कुछ प्रमुख उदाहरण दे रहा हूं, जो मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं:
– मुंबई मामला (मार्च 2025): मुंबई में एक हिंदू महिला ने अपने मुस्लिम प्रेमी शाहरुख के लिए पति चंद्रशेखर की गला दबाकर हत्या कर दी। इसमें एक और मुस्लिम व्यक्ति मोइनुद्दीन लतीफ खान ने मदद की। महिला को ‘लव जिहाद’ के जाल में फंसाया गया था, और वह इतनी अंधी हो गई कि अपने हिंदू पति को मार डाला। यह घटना सनातन प्रभात में रिपोर्ट हुई।
– फरीदाबाद का पुराना केस (2018): फरीदाबाद में एक दलित हिंदू व्यक्ति संजय कुमार की हत्या उसकी मुस्लिम Ex- wife के परिवार ने की। हालांकि यह सीधे पत्नी द्वारा नहीं था, लेकिन इंटरफेथ मैरिज के बाद दबाव में डिवोर्स हुआ, और फिर परिवार ने हत्या कर दी। यह लव जिहाद के बाद की हिंसा दिखाता है, जहां हिंदू पुरुषों को टारगेट किया जाता है।
– उत्तर प्रदेश के अन्य केस (2020-2024): NCRB डेटा से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में 274 से ज्यादा मामले थे जहां पत्नियों ने पतियों की हत्या की, कई में एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर शामिल थे। इनमें से कुछ को लव जिहाद से जोड़ा गया, जैसे संभल में रूबी ने प्रेमी गौरव के साथ पति राहुल की हत्या की और शव के टुकड़े कर दिए। ऐसे केसों में मुस्लिम प्रेमी का शामिल होना आम हो रहा है।
– लव जिहाद की व्यापक लिस्ट (2023 रिपोर्ट): ऑर्गनाइजर की एक रिपोर्ट में 60 से ज्यादा मामले हैं जहां मुस्लिम पार्टनर्स ने हिंदू महिलाओं की हत्या की, लेकिन उल्टे पैटर्न में महिलाएं इस्तेमाल होकर अपने परिवार को नुकसान पहुंचाती हैं। उदाहरण के लिए, शाहबाद डेयरी मर्डर केस में साक्षी की हत्या साहिल ने की, जो लव जिहाद का हिस्सा था।
ये उदाहरण दिखाते हैं कि 2020 से 2025 तक ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है, जहां मुस्लिम युवक हिंदू महिलाओं को फंसाते हैं, और परिणामस्वरूप हिंदू परिवार बर्बाद हो जाते हैं।
इस्लामिक आलोचना: धोखे की जड़ें कहां हैं?
एक Ex मुस्लिम के रूप में, मैं कह सकता हूं कि इस्लाम में गैर-मुस्लिम महिलाओं को फंसाने की रणनीति को प्रोत्साहन मिलता है। कुरान (सूरा 2:221) में गैर-मुस्लिम से शादी को मना किया गया है, लेकिन हदीसों में ‘तकिया’ (धोखा) की अवधारणा है, जहां लक्ष्य हासिल करने के लिए झूठ बोलना जायज है। लव जिहाद इसी का हिस्सा है – मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को प्रेम का झांसा देकर कन्वर्ट करवाते हैं, और अगर बाधा आए तो हिंसा। गार्डियन की रिपोर्ट में भी ‘लव जिहाद’ को घातक बताया गया है, जहां हिंदू-मुस्लिम रिलेशनशिप में हिंसा बढ़ रही है। यह कोई conspiracy थ्योरी नहीं, बल्कि वास्तविकता है, जो भारत में हजारों परिवारों को प्रभावित कर रही है।
निष्कर्ष: जागरूकता ही बचाव है
ये घटनाएं साबित करती हैं कि लव जिहाद एक वास्तविक खतरा है, जो हिंदू समाज को अंदर से खोखला कर रहा है। Ex मुस्लिम के रूप में, मैं हिंदू महिलाओं से अपील करता हूं: प्रेम के नाम पर धोखे में न फंसें। अपने परिवार और अपने धर्म की रक्षा करें। समाज को चाहिए कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कानून बनाए, और शिक्षा के माध्यम से जागरूकता फैलाए। अगर हम अब नहीं जागे, तो ऐसे पैटर्न और बढ़ेंगे।





