इस्लामी शरीयत में ग़ुलाम माँओं से उनके शिशुओं को अलग करके बाज़ार में बेचना
सोचिए उस माँ की चीख़ को, जिसके छह महीने के बच्चे को—जिसके अभी दो छोटे दाँत भी नहीं निकले—उसकी बाहों...
सोचिए उस माँ की चीख़ को, जिसके छह महीने के बच्चे को—जिसके अभी दो छोटे दाँत भी नहीं निकले—उसकी बाहों...
सारांश इस्लामी रिवायतों में सबसे चौंकाने वाली कहानियों में से एक है कुत्तों को अचानक और बड़े पैमाने पर मारने...